Pakistan Election 2024 Mean For India Pakistani Army Control Govt Terrorism Nawaz Sharif

Pakistan Election 2024 Mean For India Pakistani Army Control Govt Terrorism Nawaz Sharif
Spread the love

Pakistan Election: पाकिस्तान में गुरुवार (8 फरवरी) को 12वें आम चुनाव हो रहे हैं. नई सरकार को चुनने के लिए आवाम पूरी तरह से तैयार हो गई है. 24 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्तान में चुनाव ऐसे वक्त में हो रहे हैं, जब देश आर्थिक चुनौतियों और देश के अशांत माने जाने वाले बलूचिस्तान प्रांत में बम धमाकों का सामना कर रहा है. कहा जा रहा है कि नवाज शरीफ की ‘पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज’ (पीएमएल-एन) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है. 

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पड़ोसी मुल्क के चुनाव में किसी को भी बहुमत की उम्मीद नहीं जताई गई है. बिलावल भुट्टो जरदारी की ‘पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी’ दूसरे नंबर पर रह सकती है. इमरान खान जेल में हैं, यही वजह है कि चुनाव जीतने पर नवाज शरीफ का एक बार फिर से प्रधानमंत्री बनना तय माना जा रहा है. इस चुनाव भारत की भी नजर है. ऐसे में आइए जानते हैं कि पाकिस्तान में हो रहे आम चुनाव भारत के लिए क्या मायने रखते हैं.  

भारत के लिए क्या हैं चुनाव के मायने? 

पाकिस्तान की तरह ही भारत में भी इस साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक बार फिर से अगर बीजेपी की सरकार बनती है, तो पड़ोसी मुल्क के साथ रिश्ते तनावपूर्ण रहने की संभावना है. पाकिस्तान की सियासत पर सेना के प्रभाव से किसी ने इनकार नहीं किया है. अपने चुने हुए उम्मीदवार को विजेता बनाने के लिए पाकिस्तानी सेना चुनाव में हेरफेर करती रही है. 2018 में इमरान खान पर दांव लगाया गया था और इस बार नवाज शरीफ पर. 

अक्टूबर 2023 में पाकिस्तान लौटने वाले नवाज शरीफ के ऊपर दर्ज सभी मामले ठंडे बस्ते में चले गए हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार नवाज शरीफ के सिर पर सेना का हाथ है. इस्लामाबाद में भारत के पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने कहा कि 8 फरवरी को जो हो रहा है, वो इलेक्शन कम और सेलेक्शन ज्यादा है. पाकिस्तान की सेना ने पिछले कुछ दिनों में हमें दिखाया है कि वह आगामी चुनावों में क्या नतीजे चाहती है. वह चाहती है कि नवाज शरीफ को चुना जाए. 

इस बार चुनाव के जरिए पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर देश के राजनीतिक नेतृत्व पर अपना अधिकार मजबूत करेंगे. इमरान ने सेना को चुनौती दी थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है. भारत पड़ोसी देश में सभी गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहा है. उसकी नजर सेना के जरिए सेलेक्ट होने वाले अगले पीएम पर भी है. भारत आतंकवाद को लेकर चिंता जता चुका है. सरकार ने पाकिस्तान को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर सख्त रुख भी अपनाया है. 

भारत इस बात को भलीभांति जानता है कि पाकिस्तान में चुनाव के बाद भी कुछ बदलने वाला नहीं है. असीम मुनीर देश की सत्ता पर पर्दे के पीछे से काबिज होना चाहते हैं. ऐसा होना भारत के लिए चिंता की बात है, क्योंकि इसकी वजह से रिश्ते तनावपूर्ण होंगे. नवाज शरीफ ने भले ही हाल के दिनों में भारत संग रिश्ते सुधारने की बात की है, लेकिन उनकी पार्टी का घोषणापत्र कुछ और ही कह रहा है. वह अनुच्छेद 370 की बहाली के बाद ही बात करने की बात कर रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: Pakistan General Election Live: आर्थिक चुनौतियों और आतंकी हमलों के बीच पाकिस्तान में वोटिंग, पीएम रेस में सबसे आगे नवाज शरीफ

 

#Pakistan #Election #India #Pakistani #Army #Control #Govt #Terrorism #Nawaz #Sharif


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *